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किराना स्टोर बिजनेस में प्रभाव डालने वाले कुछ प्रभाव फैक्टर

पड़ोस वाले मामूली किराना स्टोर इन सभी प्रभावों के बाद भी असाधारण रूप से टिकाऊ साबित हुए है। यह न केवल बड़े फॉर्मेट की रिटेल चेन और ई-कॉमर्स से बच पाए है बल्कि उनके सामने कुशल भी हुए है । सभी फैक्टर्स में से जो किराना स्टोर्स को एवरग्रीन रखते हैं, उनमें से सबसे जरूरी हैं: स्टोर तक पहुंचने में आसानी। यदि यह पड़ोस में स्थित होगा, तो वहा तक पहुंचने में आसानी होगी। किराना स्टोर्स में, अपने ग्राहकों को जरूरी सामान प्रदान करने की क्षमता होनी चाहिए। यह बहुत अद्भुत है कि रिटेलर हमेशा कैसे जान जाते है की उनके ग्राहकों को क्या चाहिए। लोकल प्रोड्यूस की मौजूदगी बरकरार रखना । सबसे ज्यादा पसंद करे जाने वाले प्रोडक्ट्स में से अचार, बैटर्स और रेडी-मिक्स पाउडर का सुपरमार्केट की तुलना में एक किराना स्टोर पर पाए जाने की संभावना ज्यादा होती है। फुर्त और फ्लैक्सिबल होना – कई तरह के लोकल प्रोड्यूस बेचने के अलावा किराना स्टोर आमतौर पर फ्री डिलिवरी तक करवाते है, वह भी एक घंटे से भी कम समय में। रोज़ के ग्राहकों के लिए यह आसान क्रेडिट की सुविधा भी देते है।

Kirana store Kholne ke liye kitne paise ki jrurat padti hai

 किराना स्टोर की दुकान के लिए खोलने के लिए 5 से 15 लाख की जरूरत पड़ती है उसमे सारा जनरल स्टोर सामान आ जाता है  मर्स वेव के बाद से पिछले बीस सालों में सुपरमार्केट और बड़ी रिटेल चेंस में काफी बढ़ौती दिखी है। हालांकि, शायद ही किराना स्टोर्स के बीच कंपटीशन, भारतीय ग्राहकों पर कोई असर डाल पाएगा । दोनो स्वदेशी और विदेशी रिटेलर्स ने बड़े प्लांस बनाए है ताकि वो अपने स्टोर्स की मदद से अपने रिटेल उपस्थिति को बढ़ा पाए और भारतीय ग्राहकों के ऊपर एक मजबूत पकड़ रख पाए।